अधेंरेसे निकलकर
आज बाहर पडा
बाजारमें गया
लोग भाव लगा रहे थे
बैगंन ३० रुपये
प्याज ५०
वापस शामको लोट रहा था
तब भी बाजारमें
लोग भाव लगा रहे थे
बेहन ३० रुपये
प्यास ५०
बैगंनसे बेहनतक और
प्याजसे प्यासतक दुनिया
सिर्फ कुछं घटोंमे
आजाती है ये पता चला
मे खुश था
मुझे गर्व था मुझपें
क्युकीं में भिकारी हुं
ईनमेंसे कुछ भी खरीद नही सकता
आज बाहर पडा
बाजारमें गया
लोग भाव लगा रहे थे
बैगंन ३० रुपये
प्याज ५०
वापस शामको लोट रहा था
तब भी बाजारमें
लोग भाव लगा रहे थे
बेहन ३० रुपये
प्यास ५०
बैगंनसे बेहनतक और
प्याजसे प्यासतक दुनिया
सिर्फ कुछं घटोंमे
आजाती है ये पता चला
मे खुश था
मुझे गर्व था मुझपें
क्युकीं में भिकारी हुं
ईनमेंसे कुछ भी खरीद नही सकता
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